WhatsApp से लेकर ChatGPT तक – अब हर विदेशी ऐप का देसी विकल्प दे रहा है Zoho


आज के समय में जब भारत डिजिटल आत्मनिर्भरता (Digital Atmanirbharta) की ओर बढ़ रहा है, उसी राह पर एक भारतीय कंपनी तेजी से दुनिया भर का ध्यान खींच रही है। बात हो रही है Zoho Corporation की, जिसने विदेशी ऐप्स और सॉफ्टवेयर का ऐसा देसी विकल्प पेश किया है, जिससे न सिर्फ भारत बल्कि कई देशों के यूज़र्स प्रभावित हो रहे हैं।

Zoho की शुरुआत श्रीधर वेम्बू (Sridhar Vembu) ने की थी। आज यह कंपनी ग्लोबल लेवल पर एक भरोसेमंद नाम बन चुकी है। मैसेजिंग से लेकर वर्कस्पेस, अकाउंटिंग, AI टूल्स और डिजिटल सिग्नेचर तक, Zoho ने हर ज़रूरत का स्वदेशी समाधान तैयार कर लिया है।

आइए जानते हैं कि Zoho किन-किन विदेशी ऐप्स को चुनौती दे रहा है और इसके कौन से प्रोडक्ट्स मार्केट में धूम मचा रहे हैं।


WhatsApp का विकल्प – Arattai

आज मैसेजिंग एप्लिकेशन के मामले में WhatsApp दुनिया का सबसे बड़ा नाम है। लेकिन अब इसका मुकाबला करने के लिए भारत का अपना ऐप Arattai आ चुका है।

  • यह Zoho का मैसेजिंग ऐप है, जो एंड्रॉयड और iOS दोनों पर उपलब्ध है।
  • इसमें WhatsApp जैसे फीचर्स मौजूद हैं – चैटिंग, ग्रुप्स, वॉइस-वीडियो कॉल, मीडिया शेयरिंग आदि।
  • रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ऐप App Store पर सोशल नेटवर्किंग कैटेगरी में नंबर-1 पोज़िशन तक पहुंच चुका है।

यानी अगर आप WhatsApp का स्वदेशी विकल्प चाहते हैं, तो Arattai एक भरोसेमंद विकल्प है।


Google Workspace और Microsoft 365 का विकल्प – Zoho Workplace

आजकल ज्यादातर कंपनियां और स्टूडेंट्स Google Workspace या Microsoft 365 का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन इनके लिए भी Zoho ने तैयार किया है Zoho Workplace

  • इसमें Word, PowerPoint, Excel जैसे टूल्स का देसी विकल्प मिलता है।
  • आप ईमेल, डॉक्यूमेंट एडिटिंग, प्रेज़ेंटेशन और स्प्रेडशीट सब एक ही जगह कर सकते हैं।
  • यह पूरी तरह क्लाउड-बेस्ड है, जिससे टीमवर्क और कोलैबोरेशन आसान हो जाता है।

इस तरह Zoho ने वर्कस्पेस टूल्स में भी भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।


अकाउंटिंग और फाइनेंस ऐप्स का विकल्प – Zoho Books

फाइनेंस और अकाउंटिंग के लिए अब तक लोग QuickBooks, Xero या Sage जैसे विदेशी टूल्स पर निर्भर थे। लेकिन अब भारत के पास है अपना Zoho Books

  • इसमें बिज़नेस के लिए बुककीपिंग, टैक्स मैनेजमेंट, और अकाउंटिंग की पूरी सुविधा है।
  • छोटे और मझोले उद्योगों (SMEs) के लिए यह बेहद उपयोगी साबित हो रहा है।
  • इसका इंटरफेस आसान है और यह भारतीय बिज़नेस जरूरतों के हिसाब से डिज़ाइन किया गया है।

यानी बिज़नेस अकाउंटिंग में अब विदेशी टूल्स पर निर्भर रहने की ज़रूरत नहीं।


Chrome और Edge का विकल्प – Zoho Ulaa Browser

इंटरनेट ब्राउज़िंग की दुनिया में Google Chrome और Microsoft Edge का दबदबा है। लेकिन अब Zoho ने भी पेश किया है अपना ब्राउज़र – Ulaa

  • इसे कंपनी ने फास्ट और सिक्योर बताया है।
  • इसमें प्राइवेसी फीचर्स और एडवांस सिक्योरिटी ऑप्शंस शामिल हैं।
  • खास बात यह है कि यह ब्राउज़र भारतीय डेटा प्राइवेसी मानकों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

अगर आप विदेशी ब्राउज़र से निजात पाना चाहते हैं, तो Ulaa एक बेहतर विकल्प हो सकता है।


ChatGPT, Gemini और Copilot का विकल्प – Zoho Zia

AI टूल्स की बात करें तो आज ChatGPT, Gemini और Microsoft Copilot का नाम सबसे ऊपर आता है। लेकिन अब इनके सामने है भारत का अपना AI टूल – Zoho Zia

  • यह टूल कंटेंट राइटिंग, सवाल-जवाब, डाटा एनालिसिस और कस्टमर सपोर्ट जैसी सुविधाएं देता है।
  • Zia को खास तौर पर Zoho के अन्य ऐप्स के साथ इंटीग्रेट किया गया है।
  • यानी अगर आप Zoho Workplace इस्तेमाल कर रहे हैं, तो Zia आपकी प्रोडक्टिविटी कई गुना बढ़ा देगा।

AI के इस दौर में Zoho Zia एक लोकल लेकिन दमदार विकल्प है।


6. DocuSign और Adobe Sign का विकल्प – Zoho Sign

डिजिटल सिग्नेचर की ज़रूरत आज हर बिज़नेस को होती है। अब तक इसके लिए DocuSign और Adobe Sign जैसे विदेशी टूल्स का सहारा लेना पड़ता था। लेकिन अब Zoho ने लॉन्च किया है Zoho Sign

  • यह एक सुरक्षित ई-सिग्नेचर प्लेटफॉर्म है।
  • किसी भी डॉक्यूमेंट, मैसेज या ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की ऑथेंटिसिटी और सिक्योरिटी सुनिश्चित करता है।
  • इसे भारत समेत कई देशों में इस्तेमाल किया जा रहा है।

इससे न सिर्फ समय बचता है बल्कि बिज़नेस ट्रांजैक्शन भी तेज़ और सुरक्षित होते हैं।


क्यों खास है Zoho?

Zoho की सबसे बड़ी ताकत है कि यह पूरी तरह स्वदेशी कंपनी है और इसके सारे ऐप्स और टूल्स भारत में ही विकसित किए जाते हैं।

  • यह विदेशी ऐप्स की तरह यूज़र्स का डेटा बाहर नहीं भेजता।
  • भारतीय यूज़र्स को लोकल सपोर्ट और कस्टमाइज़ेशन मिलता है।
  • कंपनी ने अपने सभी प्रोडक्ट्स को छोटे से बड़े बिज़नेस और आम यूज़र्स तक के लिए डिज़ाइन किया है।

डिजिटल आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम

Zoho ने यह साबित कर दिया है कि भारत सिर्फ विदेशी ऐप्स पर निर्भर नहीं है। अब चाहे चैटिंग हो, ऑफिस वर्क हो, अकाउंटिंग हो या AI – हर ज़रूरत के लिए Made in India ऐप्स मौजूद हैं।

WhatsApp का Arattai, Google Workspace का Zoho Workplace, QuickBooks का Zoho Books, Chrome का Ulaa, ChatGPT का Zia और DocuSign का Zoho Sign – यह सब दिखाता है कि भारत अब डिजिटल दुनिया में आत्मनिर्भर बन रहा है।


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