GST 2.0 से पेट्रोल, डीज़ल और CNG कीमतों में क्या बदलाव? 2025
GST 2.0 से पेट्रोल, डीज़ल और CNG कीमतों में क्या बदलाव? पूरी जानकारी 2025
भारत में GST 2.0 की घोषणा के बाद से लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पेट्रोल, डीज़ल और CNG की कीमतें सस्ती होंगी या महंगी? चूँकि ईंधन आम आदमी की जेब और महंगाई दोनों पर सीधा असर डालता है, इसलिए यह विषय चर्चा में है। आइए जानते हैं विस्तार से कि GST 2.0 के लागू होने के बाद ईंधन के दामों पर क्या असर पड़ सकता है।
🔍 अभी पेट्रोल-डीज़ल और CNG पर टैक्स कैसे लगता है?
सबसे पहले यह समझना ज़रूरी है कि वर्तमान में पेट्रोल, डीज़ल और CNG GST के दायरे में शामिल नहीं हैं। इन पर अभी भी अलग-अलग टैक्स लगते हैं:
केंद्र सरकार: एक्साइज ड्यूटी लगाती है।
राज्य सरकारें: वैट (VAT) और अन्य कर वसूलती हैं।
अन्य शुल्क: ट्रांसपोर्ट, डीलर कमीशन और सेस।
यानी अगर दिल्ली में पेट्रोल 95 रुपये लीटर बिक रहा है, तो उसकी बेस कीमत करीब 40-45 रुपये होती है और बाकी राशि टैक्स और शुल्क से जुड़ती है।
⚡ GST 2.0 क्या कहता है?
GST 2.0 का मुख्य उद्देश्य टैक्स स्ट्रक्चर को सरल बनाना और उपभोक्ताओं को राहत देना है। इसके तहत:
टैक्स स्लैबों को घटाकर 5% और 18% करने की बात हो रही है।
वाहन सेक्टर (कार, बाइक, CNG गाड़ी) में GST दरों में कटौती की गई है।
लेकिन अभी तक पेट्रोल और डीज़ल को सीधे GST में लाने का फैसला नहीं हुआ है।
🛢️ पेट्रोल-डीज़ल पर GST 2.0 का असर क्यों चर्चा में है?
1. महंगाई से सीधा जुड़ाव – पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें बढ़ने पर ट्रांसपोर्ट, खाद्य सामग्री और रोज़मर्रा के सामान महंगे हो जाते हैं।
2. राज्यों की कमाई – राज्य सरकारें VAT से सबसे ज्यादा राजस्व कमाती हैं। अगर ईंधन GST में शामिल होता है तो उनकी कमाई प्रभावित हो सकती है।
3. सरकार की मंशा – लंबे समय से यह चर्चा है कि पेट्रोल-डीज़ल को GST में लाकर कीमतों में स्थिरता लाई जा सकती है।
📊 अगर पेट्रोल-डीज़ल पर GST लागू हुआ तो?
मान लीजिए पेट्रोल पर 28% GST और 22% सेस लगाया जाए, तो कीमतें वर्तमान से कम हो सकती हैं। उदाहरण के तौर पर:
ईंधन मौजूदा औसत कीमत (₹/लीटर) टैक्स हटाकर बेस प्राइस अनुमानित GST लागू होने पर कीमत संभावित बदलाव
पेट्रोल ₹95 ₹42 ₹70–75 ₹15–20 सस्ता
डीज़ल ₹88 ₹40 ₹65–70 ₹15–18 सस्ता
CNG ₹76 ₹35 ₹55–60 ₹12–15 सस्ता
(नोट: यह सिर्फ अनुमान है, वास्तविक दरें सरकार के फैसले और राज्यों की नीतियों पर निर्भर करेंगी।)
🚖 CNG गाड़ियों पर क्या असर होगा?
GST 2.0 में CNG और छोटी कारों पर कर घटाया गया है। पहले इन पर 28% टैक्स लगता था, अब यह 18% तक लाया गया है। इसका असर यह होगा कि:
CNG गाड़ियों की कीमतें सस्ती होंगी।
शहरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट और टैक्सी/ऑटो पर खर्च कम होगा।
लोग ज्यादा CNG गाड़ियों की तरफ आकर्षित होंगे, जिससे प्रदूषण भी घटेगा।
📌 चुनौतियाँ क्यों हैं?
1. राज्य सरकारों का राजस्व नुकसान – अगर पेट्रोल-डीज़ल GST में आ जाते हैं, तो राज्यों को मिलने वाला VAT खत्म हो जाएगा।
2. राजनीतिक मुद्दा – चुनावी समय में पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें बड़ा मुद्दा होती हैं।
3. तेल कंपनियों का दबाव – अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बदलती रहती हैं।
📰 ताज़ा स्थिति 2025
अभी तक पेट्रोल और डीज़ल को सीधे GST में शामिल नहीं किया गया है।
सरकार वाहन सेक्टर और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री पर टैक्स राहत दे चुकी है।
चर्चाएँ ज़ोरों पर हैं कि अगले चरण में पेट्रोल-डीज़ल और CNG को भी GST दायरे में लाया जा सकता है।
✅ आम जनता को क्या उम्मीद करनी चाहिए?
तुरंत राहत नहीं – अभी पेट्रोल-डीज़ल पर GST लागू होने की घोषणा नहीं हुई है।
लंबे समय में संभावित फायदा – अगर GST लागू हुआ तो ईंधन 15–20 रुपये तक सस्ता हो सकता है।
CNG वाहन सस्ते – फिलहाल CNG कारों और छोटे वाहनों की कीमतों में GST कटौती से फायदा
GST 2.0 एक बड़ा सुधार है, लेकिन फिलहाल इसका सीधा असर पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों पर नहीं दिखेगा। हाँ, CNG वाहनों और छोटी कारों के दाम में राहत जरूर मिलेगी। अगर भविष्य में सरकार पेट्रोल और डीज़ल को GST में शामिल करती है, तो उपभोक्ताओं को बड़ा फायदा मिल सकता है।
आम जनता को अभी इंतज़ार करना होगा कि सरकार कब और कैसे इन ईंधनों को GST के दायरे में लाती है।
